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Hymn No. 583 | Date: 11-Jan-1999
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काबू करना सीखा दें, तू इस दिल को, रंग के रंग में अपने ।
काबू करना सीखा दें, तू इस दिल को, रंग के रंग में अपने ।
खुद ब खुद बन जायेगे तेरा, ना रहेगा दिल में कहनें को कुछ तुझसे ।
हैरान ना करना चाहते तूझे, ना ही परिणाम की परवाह है हमें ।
हम तो बस इतना चाहते है तुझसे, ढल जाये तेरे प्यार में ।
गेसुं क्यों बहायें, अपने मन में क्यों कीसी और की चरचा करें।
जब तूने है दिया प्यार का सौगता हमें, दिल तो डूबा रहेगा प्यार में।
खार खाना है हमें कीसी से, हम तो प्यार करेंगे तुझसे ।
रहबर डूबा है सब कूछ तुझमें, जब तुझसे अलग कुछ ना पायेंगे तो खीर कैसे खायेंगे।
जंग चलती रहती है हमारे भीतर, प्रभु तू जीतना सीखा दें हमें हमशें ।
मजा हमको बहुत आयेंगा, जब तेरे प्यार में घुलमिल जायेगे हम – हमको छोडके।


- डॉ.संतोष सिंह