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Hymn No. 594 | Date: 13-Jan-1999
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नसीब में कुछ ना लिखा होगा तो चलेंगा, तेरे प्यार के बिन् इक् पल ना गुजरेगा।
नसीब में कुछ ना लिखा होगा तो चलेंगा, तेरे प्यार के बिन् इक् पल ना गुजरेगा।
मुख मोड लें हमशें ये दुनिया सारी कोई गम नहीं पल भर की तेरी रूसवाई सह ना सकेंगे।
तोड़ देंगे हर बंदिश तेरा प्यार पानें के लिये, कूर्बान होना पड़ा तो पल भर के लिये ना हिचकेंगे।
कोई मिशाल हमें कायम ना है करनीं, दिल इतना है चाहता कुछ भी करकें तेरे प्यार को है पाना।
सतातें कोई हमें कीतना भी, इस दिल को कोई रोक ना सकेंगा तूझें प्यार करनें से।
मोहब्बत की जंग है जारी, सुरूर ला रहीं है हमपे तेरी मोहब्बत।
होश में ना हूँ मैं अपने, प्यार के जोश से भर गया हूँ इतना कोई ना रोक सकता है मुझें।
साथ छुटता है सबका गम ना है मुझे, दम लेंगे जब तेरा प्यार पायेंगे हम।
सह लुंगा सब कुछ यहाँ तक अपने प्रियजनों का विभोग, तेरे प्यार के बिन क्षण भर ना रह पाऊँगा।
पल पल गाता हूँ गीत नयें – नयें, मकसद एक ही है तूझें अपना बनानें का।


- डॉ.संतोष सिंह