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Hymn No. 595 | Date: 14-Jan-1999
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दिल लगाना तू सीख लें प्रभु में, मस्ती में जीवन जीता चला जायेगा।
दिल लगाना तू सीख लें प्रभु में, मस्ती में जीवन जीता चला जायेगा।
मस्ती का आलम यें होगा, अपना भला – बुरा भूलाता चला जायेगा।
छायीं रहेगी तूझपे एक ही धून, उसपे धिरकता चला जायेगा।
होश ना होगा तुझको कीसीका, तू तो हर पल अपने आपको प्रभु के संग पायेंगा।
तेरे दिल की आवाज पे दिलदार आयेगा, तू उसको गीत सुनाता चला जायेगा।
अपने नजदीक तू चाहकें कीसी को न पायेगा, तू तो हर पल प्रभु का दर्शन करता चला जायेगा।
आँखों में होगी तेरे प्रेम की ज्योती, तू हर कन् में प्रभु का दर्शन करता चला जायेगा।
जिसकें लिये लोगों ने दोडा संसार को, उसको तू इस संसार के बीच पायेंगा।
संसार सरकता रहेगा तेरे तन को लेके, प्रभु नाम लेकें तू प्रभु धन कमा पायेंगा।
जायेगा ना कुछ तेरा जो छूटा तुझसे जग सारा, तू तों अपने आपको दिलदान के करीब पायेंगा।


- डॉ.संतोष सिंह