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Hymn No. 606 | Date: 16-Jan-1999
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प्रभु यें बता दें तू हमें स्वरूप कैसा होगा तेंरा ।
प्रभु यें बता दें तू हमें स्वरूप कैसा होगा तेंरा ।
दिल में गुजा है नाम अब तक हमारें, बसा लेंगे छवी को तेरे ।
कहीं – सुनीं सुनातें थे लोगों की, अब अपना अनुभव बतायेंगे।
तेंरा क्या जायेगा, तेरी कृपा से एक क्षुद्र तेरा गीत गायेगा।
बडा मजा आयेगा, जब चाहें तब दिल में मुलाकात होगी तुझसे ।
हंसे लोग मुझपे, मैं हर क्षण रहूंगा तुझसे बतियाता।
दिल कें हाथों बहुत गया था सताया, अब तुझको हम सतायेंगे ।
घड़ी भर को चैन ना लेंगे, बेपनाह मुहब्बत तुझसे करेंगे ।
तू ही बता तेरे सिवाय कौंन है इस जग में हमारा ।
तेरी कृपा से यें घड़ी जो आयी है, हाथ से कैसें जाने दूँ उसे ।


- डॉ.संतोष सिंह