My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 634 | Date: 21-Jan-1999
Text Size
प्यार बडता जा रहाँ है तेरे प्रति तेरीं शक्ति से दिलों में हमारें ।
प्यार बडता जा रहाँ है तेरे प्रति तेरीं शक्ति से दिलों में हमारें ।
अंजान थे जीवन के जिन रहस्यमय पहलुओं से, हर पन्ना खुलता जा रहा है ।
भक्ति से शक्ति है मीलती, खिल उठता है प्यार का मुरूझाया फूल ।
शांति का भाव जगाता है दिलों में, कई जनमों से बिछुड़े हुये को है मीलता।
श्रध्दा के आवेश से जन्म होता है निर्मल भक्ति का।
बिना विश्वास के श्रध्दा नहीं होती है कीसीपे, विश्वास तो सद्गुरू से है मीलता ।
अधुरा है उसकें बिना सब कुछ, शुरूआत मध्य और अंत उसकी कृपा से होता है ।
गुंथा हुआ है सब कुछ उसमें, उसकें बिना कुछ ना हाता है ।
जनमों के करमों को चुटकीं में मिटायें एक क्षण का अहंकार दूर लें जाता है हमको उससे ।
सद्गुरू तुझसे मैं प्यार, शक्ति, भक्ति और श्रध्दा विश्वास हूँ मांगता उससे पहलें तेरी मर्जी हुँ चाहता।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
रोशन है जहाँ तुझसे, रोशन कर दें दिलों को तू हमारें ।
Next
मोह से दूर भागता था मैं, मोह लिया तूने मुझें ।
*
*