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Hymn No. 750 | Date: 15-Feb-1999
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दया होगी उसकी, तो होगा सब कुछ ।
दया होगी उसकी, तो होगा सब कुछ ।
रब है, वो हमारा सबसे प्यारा ।
बसता है वो सबके दिलों में, सदियों से है नाता हमारा ।
रूठता न है वो कभी किसी से, रूठते है हम उससे ।
प्यार के सिवाय कुछ नहीं मांगता, न ही वो जानता ।
स्वीकार तो करते है, स्वीकार कर नहीं पाते भीतर से ।
दुखड़ा अपना सदा सुनाते, सुनते नहीं कभी उसकी ।
एक बार और उसका होके देक ले, सारी फिकर धरी की धरी रह जायेंगी ।
रूठी हुयी तेरी किस्मत सँवर जायेगी ।
मुस्कराता हुआ जीवन के हर डगर पे बढ़ता चला जायेगा ।
अपने आपको उसके संग हर पल पायेगा ।
जीवन पथ पर चलने का तेरा अंदाज बदल जायेगा ।


- डॉ.संतोष सिंह