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Hymn No. 772 | Date: 18-Feb-1999
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प्यार में तो सब कुछ हो जाता है, जो दिल न कहता है वो भी कह जाता है ।
प्यार में तो सब कुछ हो जाता है, जो दिल न कहता है वो भी कह जाता है ।
सर उठा लेते हैं प्यार पाके, कमजोर दिल भी कर देता है बगावत ।
होश न रहता है प्यार के जोश में, दोष किसीका ना रहता है ।
सारे शिकवा – शिकायत दूर हो जाते हैं, बेकरार हो जाता हुँ प्यार में ।
सुध-बुध खो जाती है, न कुछ रह जाता है प्यार में तो प्यार होता है ।
प्यार हर दिल को छू लेता है, इसमें न कोई रोता है ।
प्यार से जीता जा सकता है संसार को, इसका कोई वार खाली जाता नहीं ।
रीझा चला आता है प्रभु प्यार में, हर डर को हर लेता है प्यार ।
प्यार के आगे जोर न चलता किसीका, प्यार में होता है सब कुछ ।


- डॉ.संतोष सिंह