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Hymn No. 822 | Date: 06-Mar-1999
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शब्दो से खेलना आ गया मुझे, जो तुझसे प्यार हो गया ।
शब्दो से खेलना आ गया मुझे, जो तुझसे प्यार हो गया ।
तेरे करीब आते ही, बेसुरी आवाज मेरी सुर में बदल गयी ।
रहता तो वहीं हूँ, पूरा का पूरा बदल रहा हूँ प्यार पाके तेरा ।
पास अपने तो कुछ भी नहीं, दम भरता हूँ तेरे प्यार का ।
जब से चढ़ा सर पे तेरे प्यार का बुखार, आकार लेता है हर पल इक नया गीत।
अपने हाथ में अब कुछ न है, जो भी करता हूँ तेरे साथ होने पे ।
सुनके अनसुनी कर देता हूँ कुछ भी, जो तेरे ख्यालों में डूबा रहता हूँ ।
मंझिल की फिक्र अब न है, प्यार में तेरे भुला बैठा हूँ सब कुछ ।
आस किसी चीज की न है, जो तेरे पास पहूँच गया हूँ मैं ।
मैं-मैं न रहा जो तेरे प्यार ने बदल डाला मुझको तेरे प्यार में ।


- डॉ.संतोष सिंह