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Hymn No. 821 | Date: 06-Mar-1999
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नजर न लगे तुझे मेरी, ऐ प्रियतम लगा दूं काला टीका माथे पे ।
नजर न लगे तुझे मेरी, ऐ प्रियतम लगा दूं काला टीका माथे पे ।
फिदा तो मैं तुझपे कब से हूँ, हटाये हटती न है नजर तुझ से ।
सनम तुझे मेरी कसम, ओझल न होना आंखो से तू मेरे कभी ।
बयाँ न कर सकता हूँ, मजा कितना आता है दिल को संग तेरे ।
तेरे करीब रहता हूँ जब तक, दुनिया का सबसे बडा अमीर हूँ ।
क्या बताऊं क्या हो गया, जब से करीब तेरे आया क्या से क्या हो गया ।
फुरसत न है मुझे अब कुछ करने की, रुखसत न कर सकता हूँ तुझे अपने जीवन से ।
व्यवहारिकपन अच्छा न है लगता, प्यार मैं जो तुझसे हूँ करता ।
मत टोकना तू मुझे प्यार करने से, रुक पाना अब मेरे हाथों में नहीं ।
सोंच ना सकता हूँ तेरे बिन कुछ, मैं तेरा बीमार बन गया हूँ ।


- डॉ.संतोष सिंह