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Hymn No. 923 | Date: 05-Apr-1999
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कृपा करो हे नाथ हमपे, ले लो हमको साथ अपने ।
कृपा करो हे नाथ हमपे, ले लो हमको साथ अपने ।
जुड़ जाये तन-मन से, दूर हो जाये खुदसे ।
रंग में मेरे ऐसे रंगे, दुनिया का रंग न चढ़े हमपे ।
सुबह हो या शाम, हर पल हो मुहब्बत भरी मुलाकात ।
नहीं जाना कहीं और, रहना हो हर पल संग तेरे ।
मुहब्बत भरी मस्ती हो, आनंद का ज्वार उमड़ता रहे भीतर से ।
जिधर जायें उधर तुझे पायें, छाप पड़ जाये दिल पे इतनी गहरी ।
जुदा होना हो तो हो जायें, इस तन से प्राण ।
प्रभु तेरे पहलू में जो आये इक बार, नहीं जाये कहीं और ।
ठप्पा लगा है जो दिल पे मेरे, मिटने न देना कभी ।


- डॉ.संतोष सिंह