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Hymn No. 968 | Date: 14-Apr-1999
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आज नहीं तो कल होगा, हमारा घर तेरे दिल में ।
आज नहीं तो कल होगा, हमारा घर तेरे दिल में ।
जो होना होगा देखा जायेगा, तेरी ओर हम बढते जायेंगे ।
मरते रहे बहुत बार हम, इस बार मरेंगे तेरे दर पे ।
कोहराम मचता था हर बार, इस बार बारात लेके आयेंगे ।
मैं तो वहाँ का वहाँ हूँ, प्यार में सब कुछ बदल गया भीतर ।
रोशनी है चारों ओर मेरे, मेरा रूप बदल गया है तुझमें ।
जो होना है वो होके रहेगा, तेरा साथ जो पकड़ा हमने ।
मनेगा जश्न बडे जोर-शोर से, प्यार में बलिदान होने का ।
कठिनता और सरलता का रूप बदल गया तेरे करीब होते ही ।
जो था नामुमकीन वो भी सहज सरल बन गया प्यार होते ही ।


- डॉ.संतोष सिंह