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Hymn No. 969 | Date: 14-Apr-1999
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मैं तो निहाल हो गया, प्रभु पाके तुझे ।
मैं तो निहाल हो गया, प्रभु पाके तुझे ।
मेरा जीवन खुशहाल बन गया, पाके प्यार तेरा ।
मैं तो दंग रह गया, रंग गया जब तेरे रंग में ।
मेरे होशो हवाश उड़ गये, देखके अपने भीतर तुझे ।
जीते जी तर गया, जब भूत और भविष्य से पीछा छूटा ।
जिनको सपनों में देखा था, उनको यथार्थ में पा गया ।
पीछा छूटा मेरा मैं-मैं से कदमो की धूल बन गये जो तेरे ।
पागलों की तरह हँसता हूँ, तन को बूलबूलों की तरह फूटते देखके ।
काम का था अब बेकार हो गया, जब मस्ती चढ़ी तेरे प्यार की ।


- डॉ.संतोष सिंह