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Hymn No. 976 | Date: 15-Apr-1999
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हम तो हैं प्रभु तेरे कायल, तेरे प्यार में इक बार नहीं कई बार हुये घायल ।
हम तो हैं प्रभु तेरे कायल, तेरे प्यार में इक बार नहीं कई बार हुये घायल ।
मा बदौलत आज है हम जहाँ भी, तेरे द्वार पहुँचाये गये इस जगह में ।
दंग रह जाता है मन मेरा, जब चढ़ती है हम पे तेरे प्यार की मस्ती ।
सारे शिकवा- शिकायत दूर हो गये, जब से प्यार में तेरे करीब आ गये ।
नसीब में जो न लिखा था हमारे, वो सब कुछ मिल गया तेरे प्यार के सहारे ।
होती है हर पल तेरे गीतो की गूंज, जब सुध-बुध खो देता हूं तेरी यादो में ।
टूटने न देना तू मेरे खाबो को, उलझाये रखना अपने प्यार भरे गीतो में ।
दौर चलता रहे प्यार का, बीतने को बीत जाये सारा जीवन मस्ती में ।
बंदी बन गया हूं मैं तेरे प्यार में, कैद कर ले तू मुझे देके सजा आजीवन कारावास की ।
अंजाम की फिक्र न की थी कभी हमने, तेरे प्यार में जो होगा वो देखा जायेगा।


- डॉ.संतोष सिंह