QUOTES
The quotes section will be launch soon.
Quote No. 432 | Date: 26-May-2002
Text Size
साथियों जमाने की बातें कैसे करूँ?, जो बन गए बेगाने अपनों की नज़रों में |
साथियों जमाने की बातें कैसे करूँ?, जो बन गए बेगाने अपनों की नज़रों में |
चाहा था कुछ और हमने?, न जाने कैसे पहुँच गए बेवफाओं की कतार में |
 

देवेंद्र घिया( काका )


First...431432433434435...Last