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Hymn No. 1013 | Date: 26-Apr-1999
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प्यार करुँ मैं तुझसे इतना, तुझको देखूँ सबमें, सबमें तुझको
प्यार करुँ मैं तुझसे इतना, तुझको देखूँ सबमें, सबमें तुझको
विचलित न कर पाये मेरे दिल को, मन के सारे द्वंद तोड़ दे हम ।
गूंजता रहें दिल में तेरे प्यार के गीत, रह न पाऊं पल भर को बिन तेरे ।
जीत न सके कोई मुझे हार जाऊं, अपने आपको हाथों तेरे ।
हर दिन गाऊं गीत प्यार नये अंदाज में तुझको रिझाने के वास्ते ।
तू रूठे रहना हमेशा मुझसे, पल-पल मिन्नतें करके मनाता रहूं मैं तुझे ।
गम जो आये पास तेरे, देना तू मुझे प्रसाद में वो ।
थोड़ी सी कृपा बरसाना, पा जाऊंगा उसमें से अटूट सामर्थ्य तेरा हर दर्द सहने के लिये ।
न है कोई बिसात न है सामने तेरे न ही औकात बनाके अलग होना है तुझसे
सौगात में कर दे तू मुझे नेस्तनाबूद, बूंद को भाप, भाप को हवा कर देना तेरे मन में ।


- डॉ.संतोष सिंह