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Hymn No. 1017 | Date: 26-Apr-1999
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मिट जाता है जीवन का सारा अवरोध, जब कृपा होती है उसकी ।
मिट जाता है जीवन का सारा अवरोध, जब कृपा होती है उसकी ।
न रहता है कोई संकोच मन में, जब प्यार हो जाता है उससे ।
शंकाये पनप नहीं पाती अंतर मन में, जब जगाता है दिल में समर्पण ।
हद हो जाती है जीवन जीते हुये बेखबर रहते है, जब रम जाता है मन उस में।
हर सवाल का जवाब मिलता है, जब प्यार ही प्यार उससे होता है ।
जीवन में कोई आवश्यकता न रह जाती, होती है दिल में जब उससे हजार बातें।
तड़प उभरती है दिल में दिलदार के दीदार के वास्ते, सुकूँ होता है उसमें ।
ख्वाब ही ख्वाब दिखते हैं, अनेक, जब याद सताये दिल को उसकी ।
फिकर न होती है किसीकी, जब मस्त रहते है अपने प्यार की मस्ती में ।
अंदाज लगा नहीं सकता क्या से क्या हो जाता है, जब प्रभु से हो जाता है प्यार


- डॉ.संतोष सिंह