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Hymn No. 1029 | Date: 02-May-1999
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कैसे बताऊं क्या है दिल में मेरे तेरे लिये ऐ.. राधेय ।
कैसे बताऊं क्या है दिल में मेरे तेरे लिये ऐ.. राधेय ।
कैसे तू हो सकता है किसी एक का क्या होगा हमारा ।
कैसे रोक पायेंगे हम अपने आपको, जब बजती हो बंसी प्यार की ।
कैसे न टूंटेगे सारे बंधन मोह के, जब इनायत होगी नजरो में तेरी ।
कैसे थिरकने से रोक पाऊंगा अपने आपको, जब गूंजेगे दिल में बोल तेरे ।
कैसे चर्चा न करुं मै तेरा, गुजरता नहीं कोई भी पल यादो के बिना ।
कैसे रोक पायेगा कोई मुझे, बेखयाली में बढते रहते है तेरी और ।
कैसे रहेगा तू दुर हमसे, छेड़ेगे विरह के गीत, टूट जायेंगे सारे सब्र ।
कैसे क्या होगा इस बात में दम नहीं, जो तू चाहेगा वही तो होगा ।
कैसे कोई रोक पायेगा महा मिलन से प्यार में सारी दुनिया मिट जायेगी ।


- डॉ.संतोष सिंह