VIEW HYMN

Hymn No. 1030 | Date: 02-May-1999
Text Size
मत छेड तू हमे, सोये हुये है मरे नहीं, सामर्थ्य तुझसे कम नहीं ।
मत छेड तू हमे, सोये हुये है मरे नहीं, सामर्थ्य तुझसे कम नहीं ।
तू सूरज है तो बाती है हम, उजाला हममें है, प्रकटने की है बात ।
कमजोर बनाया तूने नहीं, तो क्यों समझूं अपने आपको, बस तेरे चाहने की है बात ।
रोशन होगे हम तुझसे, रोशन करेंगे जहाँ को, चाहा हुआ तेरा कर दिखायेगे ।
दिया है तुने क्या नहीं, प्यार से जीतना सिखाया जब मन को ।
विफल करने वाला तू है, और किसी में हिम्मत नहीं जो छू सके हमको ।
साई तेरे प्यार का असर है, कूर्बानी से डरता नहीं दिल हमारा ।
बता दे हमको क्या चाहिये तुझे, आज नहीं तो कल पूरा कर दिखायेगे उसे ।
तेरी बात छोड अदना सा हूँ कठपुतला तेरे हाथो का, विश्वास है मगर ।
बिना पीछे हटे कर गुजर जायेगे, पायी है ये सीख तुझसे ।


- डॉ.संतोष सिंह