VIEW HYMN

Hymn No. 1033 | Date: 03-May-1999
Text Size
दिलदार मेरी कसम है हमको तेरे प्यार की, जो पाया न जाने किस नसीब
दिलदार मेरी कसम है हमको तेरे प्यार की, जो पाया न जाने किस नसीब से ।

तेरे आगे जन्नत भी है फीकी, तेरे बिना हमारा जीवन है बिल्कुल रीता ।

करना न कभी अलग तुझसे, पड़ जायेगा प्रेम हमारा झूठा नजरों में सबके ।

परवाह न है मुझे किसीकी, जो होता है होता रहे जीवन गुजरे तेरे खयालों में।

चोट पहूँचा सकता नहीं अब कोई, आते जाते हैं जीवन में सुख-दुःख से भरे क्षण

मस्त हूँ तेरे प्यार में, मन की सारी विफलतायें हो गयी खत्म ।

इंतजार रहता है तेरा, दिन-रात सफर करता हूँ अपने यादों में तेरी ओर ।

कसम से जो सोचा न था, वो होता नजर आ रहा है जबसे तेरा साथ पा गया।

मुर्ख बना दिया तेरे प्रेम ने हमें, मन की सारी हिचक दूर हो गयी ।

जो तू कहे वही सब कुछ है हमारे लिये, आंख रहते अंधा हो गया हूँ तेरे प्यार में ।


- डॉ.संतोष सिंह