VIEW HYMN

Hymn No. 100 | Date: 09-Jun-1997
Text Size
गाते है गीतों को तेरे ; रहते है यादों के संग,
गाते है गीतों को तेरे ; रहते है यादों के संग,
रोते है हँसते है तुझसे बिछडने के मिलने पर ।
आती है यादे तेरी जब, रहते है हम तनहाइयों में,
मजा तो तब, आयेगा खुद को भुला बैठें हम तेरी यादों में ।
तेरी मीठी बातें सुन – सुनके रोम – रोम डूब जाता है आनंद में ;
हर बात पे आने लगती है उबासी; दूर होने पे तुझसे ।
जल बिन मछली तडपे जैसे खग बिन सूना जग;
तेरे बिन अधूरे है हम हर वक्त बेचैन, मिलने को मेरा मन ।
बाकी सबकी अदाओं पे मन ना मचले, तेरी हर अदा पे रीझते है,
उब होती है इस रंग बिरंगी दुनिया से, डूब जाने का मन करता है तेरी एक तसवीर में
आज आनंद के द्वारा पार्ला के, मां के अनन्य भक्त सरल व्यक्तित्व वाले स्वामीजी से मुलाकात हुई।


- डॉ.संतोष सिंह