VIEW HYMN

Hymn No. 102 | Date: 02-Jul-1997
Text Size
मेरा राम तू है, मेरा कृष्ण तू ही,
मेरा राम तू है, मेरा कृष्ण तू ही,
मेरे दिल में तू है, मेरी जुबां पे नाम तेरा ।
तेरा – मेरा नाता है सदियों पुराना ;
मेरा रोम – रोम है तेरा दीवाना ।
मेरे श्वासों में तू है मेरे ख्वाँबों में तू ही ;
तेरे बिन मेरी हर बात है अधुरी ।
तू मेरा है स्वामी मैं हूँ तेरे चरणों का दास,
मेरा हर जन्म तेरे चरणों में बीते ।
तेरी राह मैं पल – पल बीतें सदीयों के समान,
तेरे सान्निध्य मैं बैठं, युग बीते एक ही पल में ।


- डॉ.संतोष सिंह