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Hymn No. 1035 | Date: 04-May-1999
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सोया हुआ था अब तक, तेरा प्यार पाते ही जाग गया ।
सोया हुआ था अब तक, तेरा प्यार पाते ही जाग गया ।
सपने देखा करता था बहुत, तेरे पास आते ही साकार होने लगा ।
कोई न लगता है अब बेगाना, जब से हुये तेरे प्यार में दीवाने ।
फरियाद सारी खत्म हो गयी, अब तो बची है प्यार की यादें ।
जो सोच-समझ न पाते थे, वो कर दिखाते है तेरी कृपा से ।
चुक गयी है मेरी सारी ताकत, चढ़ी रहती है हमपे तेरी खुमारी ।
सुन नहीं पाता मन की आवाज को, जो दिल डूबा तेरे प्यार की मस्ती में ।
दम तोड़ चुकी हैं सारी इच्छायें, बेखोफ हो चुका हूँ रंग में रंगके तेरे ।
सकपका जाता हूँ अपना बदला-बदला रूप देखके, जब आईने में तुझे देखता हूँ।


- डॉ.संतोष सिंह