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Hymn No. 1036 | Date: 04-May-1999
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प्यार से प्यार बढ़ा दे तू दिलो में हमारे, मिट जाये हमारे बीच की सारी दूरियाँ
प्यार से प्यार बढ़ा दे तू दिलो में हमारे, मिट जाये हमारे बीच की सारी दूरियाँ
इंतजार था न जाने कब से तेरे आने का, आ गया अब तू तोड़ दे हमारे बंधनों को ।
भीख में दे या हकदार समझके, प्यार किया है लेंगे कैसे भी करके तुझसे ।
मदद न मांगता हूँ, कर दे तू हमारी प्यार से हौसला अफजाई, पा लेगे तुझे ।
अब कोई रोक न सकता है हमें, जो लग गया रोग प्यार का तेरे ।
रह न पायेगा दूर तू बहुत दिनों तक हमसे, दे दी प्यार ने अटूट ताकात पा लेंगे तुझे जरूर ।
परवाह किसी बात की क्यों करुँ, जब दिल को अहसास रहता है तेरे प्यार का
प्यार में सारी हदें तोड़ देना चाहता हूँ, पागल हो चुका हूँ तेरे प्यार में ।
लड़ने को लडूँगा अपनी किस्मत से, तेरा प्यार पाने के लिये कुछ भी कर गुजर जाऊंगा ।


- डॉ.संतोष सिंह