VIEW HYMN

Hymn No. 1039 | Date: 05-May-1999
Text Size
एक अनोखी बात हो गयी, मेरे दिल में तेरे प्यार का फूल खिल गया ।
एक अनोखी बात हो गयी, मेरे दिल में तेरे प्यार का फूल खिल गया ।
उभरी है हर फूल पर तस्वीर तेरी, भुलाये न भूलता है नजरो से चेहरा तेरा ।
मेरा हर ख्वाब सच होने लगा, जब से तू आया है ख्वाबों में मेरे ।
कहां से कहां तक पहूँच गया, जो तुझसे मुलाकात हो गयी ।
अनसुलझी पहेली का जवाब मुझे मिल गया, तेरे प्यार भरे गीतो को सुनके ।
ध्यान धरने की जरूरत न रही, ध्यान लग जाता है कहीं भी याद करके तुझे ।
शर्म मेरी मिट चुकी है, जब से प्यार की बहार बही मेरे मन में ।
भीड़ भरी राहों में जब नजर आता है तू, रोक नहीं पाता अपने आपको लिपटने से।
शब्द-शब्द रह न जाते है, आकार ग्रहण कर लेते जब खोये हुये होते हैं तुझ में असमर्थता का भान मिटता जा रहा है, प्यार में तेरे अर्थ बदल गया है जहाँ का


- डॉ.संतोष सिंह