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Hymn No. 1043 | Date: 06-May-1999
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दाग थे हमारे जीवन पे कई, बेदाग बन चुका हूँ साथ मिलते तेरा ।
दाग थे हमारे जीवन पे कई, बेदाग बन चुका हूँ साथ मिलते तेरा ।

अंधकार से भरा था जीवन हमारा, रोशन हो गया जो प्यार तेरा मिल गया ।

दिल को कुछ मालूम न था, प्यार होते ही जान गया प्रेमियों का हाल ।

मुझे क्या मालूम था तुझसे मुलाकात होते ही पा जायेगे जन्नत को धरा पे ।

ऐतबार होता नहीं ऐ खुदा यथार्थ में, तेरा हाथ-हाथो में आ गया मेरे ।

शुक्रिया हर पल का अदा करता है तेरा, जीते जी जो मैं तेरे पास आ गया ।

अपने दुःखो पे ओर सुखों पे आता है हँसना, जब जाना ये सब है मन की क्षणिक तरंग ।

शाश्वत पिता सब कुछ बदलते देखा, तेरा बनके चरणों में शरण जो ली ।

जीवन की कई दूर्गम राह बाकी है, परम विश्वास है तुझपे पार कर जायेगे उसे ।

प्रभु प्यार किया है सच्चे दिल से, जो भी क्षण आयेंगे गुजार देगे आनंद में रहके।


- डॉ.संतोष सिंह