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Hymn No. 1060 | Date: 12-May-1999
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घबराना हमें आता नहीं, प्यार करके मुकरना हमने सीखा नहीं ।
घबराना हमें आता नहीं, प्यार करके मुकरना हमने सीखा नहीं ।
परिणाम की फिक्र क्यों करुँ, उमड रहा है प्यार इतना डूबा रहूंगा तुझमें ।
चाहे जैसे भी या पास तेरे, तेरा बनके रहूंगा सदा ।
आज गीत रूक-रूकके उमडते है, इक दिन ढल जाऊंगा गीतों में तेरे ।
प्यार किया है तुझसे कोई समझौता नहीं ।
गलत हो या सही दिल की हर बात कहे बिना तुझसे मानुँगा नहीं ।
द्या मत दिखाना, न हक की बात करुँगा मैं तुझसे ।
जो तेरे दिल में होगा, वही तू करना मेरे लिये ।
कितने भी बेकार, मुलाकात होते ही तुझसे न रहे हम कुछ ।
रह गयी है दिल में बस एक चाह, मुलाकात बदल जाये चिरकाल के साथ में ।


- डॉ.संतोष सिंह