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Hymn No. 1061 | Date: 12-May-1999
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दीवाने होते है सिरफिरे, परवाह न करते हैं प्यार में अंजाम की ।
दीवाने होते है सिरफिरे, परवाह न करते हैं प्यार में अंजाम की ।
परवाने होते है महफूज प्यार में इतने, न होता है अपने आप की कुर्बानी का ध्यान ।
मस्तानों को होती नहीं किसी बात की फिकर, प्यार-प्यार के सिवाय कुछ सूझता नहीं ।
उमंगो में रहते है ये सब सदा, फूटता है रोम-रोम से इनके प्यार की तरंग ।
जहां भी जाते हैं वहाँ ले जाते हैं सबको भावों में अपने, प्यार के सिवाय कुछ दे नहीं-पाते ।
जीवन में दौर आये कोई भी, ये तो डूबे रहते है प्यार के आनंद में ।
कयास लगाना मुश्किल है इनके बारे में, मूरत है ये साक्षात प्यार की ।
ईश्वर को भी होती है मुश्किल, अपने आपको भुला बैठते हैं प्यार में जो इनके।
ये जात सबसे अलग हैं, जिसने किया वही समझा इनको ।
रहते है संग सबसे, फिर भी रहते है जुदा-जुदा अपने प्यार पे फिदा-फिदा ।


- डॉ.संतोष सिंह