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Hymn No. 1062 | Date: 12-May-1999
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तेरे प्यार के जादू का जोर और बढा दे, त्याग दूं अपनी सारी दूजी हसरतें ।
तेरे प्यार के जादू का जोर और बढा दे, त्याग दूं अपनी सारी दूजी हसरतें ।
निमग्न हो जाऊं इतना तुझमें, निमग्न होने का खयाल न रहे मन में ।
सुरत न देख तू मेरी, दिल देखके जान ले प्यार कितना करता हूँ तुझसे ।
माना उलजलूल हरकते बंद न हुयी हैं मेरी, इनमें भी तो कहीं न कहीं है तेरी सहमति ।
बदलना है तेरे प्यार में मुझे आज नहीं तो कल, यूं कहता हूँ बदल देंगा तेरा प्यार मुझे आज नहीं तो कल ।
कोई वादा न करता हूँ कसमें तोड़ी हैं हमने बार-बार, तेरे प्यार को तोड़ना न है हमारे बस की बात ।
जरूरत है हमारे तन-मन को बहुत कुछ की, पर तेरा प्यार न है जरूरत वो तो है मेरे दिल का भाग ।
हलाल किया अपने हाथो खुद को कई-कई बार, तमन्ना है दिल की, तोड़ दम तेरी गोद में ।
रोक ले मुझे साथ छूटने न देना, प्यार का रिश्ता जन्मो-जन्मो का है किसी एक जन्मका नहीं ।
शिकवा-रुसवाई लगी रहेगी जीवन में, प्यार के सिवाय कोई और बात न होंगी ।


- डॉ.संतोष सिंह