My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1070 | Date: 14-May-1999
Text Size
निर्बल है हमारा मन तो भी तेरे वजूद को कभी टाल सकता नहीं ।
निर्बल है हमारा मन तो भी तेरे वजूद को कभी टाल सकता नहीं ।
सूरज का उगना और ढलना जैसे तय है, वैसे तेरा पास हमारे होना है तय ।
खेल है हमारे निर्बल मन का, जो परम सत्य को जानके पहचानता नहीं ।
प्रभु घट-बढ तो चांद में भी होता है, हमारे प्यार के घट-बढ तो तू दूर करेगा जरूर ।
कसूर कितना भी हो हमारा, माया की धरा पे अच्छे-अच्छे का हाल होता है बुरा
कोई औकात नहीं हमारी बस है तेरे प्यार का सहारा, डूबना उबरना खेल है तेरा
जो कुछ भी कहा तुझसे हाले दिल बया किया, न गुमान है कुछ का न ही हीनता का ।
अंदाज है प्यार करने का सबका अलग-अलग, हम तो होश में रहना न चाहते है प्यार में तेरे ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
आशिकी का ये खेल है कैसा, कभी दूर कभी करीब रहते है हम ।
Next
छिप नहीं सकता तेरी नजरों से कुछ, छिपाने को हम भी तैयार नहीं ।
*
*