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Hymn No. 1072 | Date: 15-May-1999
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अरे.. देना है तो दे दे, तेरा अनमोल प्यार हमें ।
अरे.. देना है तो दे दे, तेरा अनमोल प्यार हमें ।
छीनना है तो छीन ले मुझसे मेरे मन को, मिट जायेगा सारा भेद ।
मै अंधा हो चुका हूँ तेरे प्यार में, ऐतराज किस बात पे करुँ ।
दुःखदायी है अगर कुछ संसार में, तो दूर रहना तुझसे ।
पापी है कोई सबसे बडा तो, दिल को तुझसे प्यार न होता ।
गलत है कुछ इस संसार में तो, मन तुझे छोड़के संलग्न हो जाये किसी और में
जिन कर्मो का तुझसे वास्ता न हो, तो वे कर्म करके भी है बेकार ।
डुबा दे मुझे, तेरे प्यार में इतना, ख्याल न आये किसी और का ।
मोह पैदा करना है तो कर दे तेरे प्रति पूर्ण रूप से मोहित हो जाऊं तुझपे ।
दाल न गल सके मुझपे किसीकी, मेरा मैं मिट के तेरा तू बन जाये ।


- डॉ.संतोष सिंह