VIEW HYMN

Hymn No. 1076 | Date: 16-May-1999
Text Size
ये प्रभु तू ये बता कैसे रह सकता है तू मेरे बिना ।
ये प्रभु तू ये बता कैसे रह सकता है तू मेरे बिना ।
अधिकार है तुझे कहने-करने का, तेरी मर्जी है हमारी मर्जी ।
सताया है तूने न कभी किसी को, मारे है हम सब अपने कर्मो के ।
निश्चितता से छोड़ा जिसने तुझपे सब कुछ, बाल न बाँका हुआ उसका कभी ।
रब अभी तक है बहुत कुछ सिखना, करके कैसे रहते है निर्लिप्त संसार में ।
बेखौफ हो चुका है मन मेरा, प्यार के सिवाय कोई भाव नहीं आता ।
भला-बुरा का मतलब जान नहीं पाता, प्यार के सिवाय कुछ समझ नहीं आता।
जो तू कराये वो समझना नहीं चाहता हूँ, बस करते जाऊं तेरी रौ में बहते हुये।
फूल और कांटे मुझे दोनों से है प्यार, जो जन्में तुझसे तेरे संसार में ।
जब भेद तूने न किया किसी से, तो मैं क्यों करुँ अपने दिल में ।
यह भजन दो बार प्रिन्ट हुआ है 


- डॉ.संतोष सिंह