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Hymn No. 1077 | Date: 17-May-1999
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दिन हो या रात प्रभु आये तेरे सिवाय दिल में न कोई बात ।
दिन हो या रात प्रभु आये तेरे सिवाय दिल में न कोई बात ।
इतना हो मन को अहसास प्रभु तू है सदा हमारे साथ ।
मै कोई बहुत बडा पंडित नहीं, नही कोई बहुत बडा तपस्वी हूँ मैं ।
क-ख-ग-घ जानूँ नहीं ज्ञान का, हाँ इतना है जरूर प्यार करता है तु मुझसे ।
आलम ये रहता है तेरे गीतों को सुन-सुनके मस्ती में रहते है हम ।
मन करता है मनमानी अभी कई-कई बार, पर तेरे बगैर वह भी रह नहीं पाता।
होगी लाखों कमियाँ, पर कोई ये नहीं कह सकता प्यार मेरा है झूठा ।
रूठा मैं अपने आप से और जमाने से कई-कई बार, पर रूठा न तुझसे एक बार।
है मुझे पूरा विश्वास बदली है दुनिया, बदलूँगा में भी तेरे प्यार के सहारे ।
कैसी हार- कैसी जीत, जो भी हो रहा है तेरे मुताबिक, मुझे है पूरा विश्वास ।


- डॉ.संतोष सिंह