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Hymn No. 1081 | Date: 18-May-1999
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मेरे सारे सवालों का गवाह है तू, मेरी यात्रा की मंझिल है तू ।
मेरे सारे सवालों का गवाह है तू, मेरी यात्रा की मंझिल है तू ।
मेरा भूत और भविष्य है तू, मेरे जीवन का हर पल जुडा है तुझसे ।
तेरे बिना कुछ भी नहीं मेरे जीवन में, तेरे बोल गुंजे मेरे दिल में ।
तेरे बिना कुछ भी नहीं मेरे जीवन में, तेरे बोल गुंजे मेरे दिल में ।
अपूर्ण हूँ मैं तेरे बिना, चाहें कुछ हो जाये मुझे साथ चाहिये तेरा ।
देखना है तो देख ले मेरे सीने को फाड़के, है तू वहां भी सदा से ।
झूठ नहीं कहता हूँ इंचमात्र का, ख्वाबों में है मेरे तस्वीर तेरी ।
दागदार होंगे जीवन के मेरे कई पहलूं, पर दिल में प्यार है तेरे लिये ।
अनोखी है तेरी व्यवस्था, हम कुछ नहीं जानते, कसम से एक तुझको ही हैं मानते ।
अंत कर दे मेरे सारे मनोभावों का, जकड लूं मै तुझको अपने प्यार में इतना।
मैं तुझको हूँ सब कुछ सौंपता, तेरी मर्जी में जो आये वो तू करता जा ।


- डॉ.संतोष सिंह