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Hymn No. 1088 | Date: 21-May-1999
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बदल रहा है सब कुछ, हर पल बदल रहा है सब कुछ तेरी कृपा से।
बदल रहा है सब कुछ, हर पल बदल रहा है सब कुछ तेरी कृपा से।
मेरे बाहर-भीतर बदल रहा है सब कुछ प्रभु तेरी कृपा से ।
कुछ को जान रहा हूँ, और कुछ से अनजान हूँ, प्रभु बदल रहा है सब कुछ तेरी कृपा से ।
दुनिया की भी यही कहानी, हर कण-कण बदल रहा है प्रभु तेरी कृपा से ।
बदलने को क्या नहीं बदलता, बिना बदले कोई नहीं रहता प्रभु बदल रहा है सब कुछ तेरी ...
मौत और जीवन बदलने का ही है रूप, बिन रूके बदलता है सब कुछ प्रभु तेरी कृपा से ।
बदलना पड़ता है हर इक को कभी मजबूरी तो कभी तटस्थ होके, बदल रहा है प्रभु तेरी...
बदलने से अंत नहीं होता शुरुआत होती है नवसृजन की प्रभु बदल रहा है सब...
बदला है।
बदला है सदा से सब कुछ, बदलता रहेगा सदा सब कुछ प्रभु बदल रहा है सब...
प्रभु स्वयं बदलता रहा है आकार से निराकार बदला कई-कई बार प्रभु बदल रहा है ।


- डॉ.संतोष सिंह