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Hymn No. 1093 | Date: 22-May-1999
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कह दो, कह दो तुम जो भी, सुन लेंगे प्यार में तेरे डूबकर।
कह दो, कह दो तुम जो भी, सुन लेंगे प्यार में तेरे डूबकर।
कभी कोई न करेंगे सवाल, दिल में आएगा नहीं कोई और ख्याल ।
आँखों में रहता है सुरुर तेरा, मिलते ही काफ़ूर हो जाते है सारे विचार ।
इक अजीब-सा नशा होता है, रोम-रोम झूमता है, जब तेरे होते है करीब ।
मेरी सारी गरीबी दूर हो गई, जब से बन गया मेरे दिल में तेरा घर ।
भर आती है आँखें सोचकर किस नालायक को खुदा मिल गया प्यार तेरा ।
पागल कोई कहता है तो मंजूर है, पागल तो बन चुका हूँ प्यार में तेरे ।
खाक हो चुकी है पिछली सारी बातें, मन को छेड़ नहीं पाती तेरे प्यार के सिवाय ।
अंत हो रहा है जीवन के नियमों का, बेखबर जो हुआ प्यार में तेरे ।
ताकत नहीं थी बदलने की, पर बदल गया सारा जीवन, जो प्यार हो गया तुझसे ।


- डॉ.संतोष सिंह