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Hymn No. 1096 | Date: 24-May-1999
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धीरे-धीरे प्यार में सब कुछ हो गया तेरा ।
धीरे-धीरे प्यार में सब कुछ हो गया तेरा ।
प्रभु कसम है तुझे, रहने ना देना कुछ भी मेरा ।
प्यार में हक है मेरा, कोई जिद ना हूँ करता ।
प्रबल सत्ता तो तुमने दी, अलग होना नहीं चाहता ।
चीर के रख दूँगा इस दिल को, तुझे बताने के लिए ।
तू बाहर है अगर, तो हमारे भीतर भी है तू ।
बया करेंगी तड़प मेरी निगाहे, एकबार देख ले झाँक के तू।
हैरान हो जाएगा अपनेआप को देखकर तू ।
साथ है तेरा-मेरा शमा और रोशनी का ।
रहना-मिटना तय है, सब कुछ तुमपर ।


- डॉ.संतोष सिंह