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Hymn No. 1099 | Date: 24-May-1999
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कैसे बताऊँ प्रभु आदी हो गए हम तेरे ।
कैसे बताऊँ प्रभु आदी हो गए हम तेरे ।
जी लागे नहीं किसी और में, याद दिलाए हर कोई तेरा ।
खेल ले तू खेल कितना भी हमसे, पर प्यार करेगे तुझसे ।
आखिरकार उपजे है तुझसे, सिमटना भी है तेरे दामन में ।
तेरे चमन में है एक से एक लोग, महफिल में बुलाया तुमने ।
अभी खलिश है प्यार करना न सीखा, करेगें प्यार तुझसे जरूर ।
ऐसा कोई भी गुरुर न करेंगे जो कर दे तुझसे दूर ।
भोर में न पाया तो क्या, तेरी कृपा से शाम को तो पहुँचा ।
इसमें न है काई मेरा दोष, परदेश में भूल-भूलैया है अनेक ।
तेरा साथ छुटे गँवारा न है, सँवारा है तुमने हर पल हमें ।


- डॉ.संतोष सिंह