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Hymn No. 1100 | Date: 25-May-1999
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सीखा दे प्रभु बेखुदी में जीना, जहाँ तेरा प्यार हो, सिर्फ तेरा प्यार हो ।
सीखा दे प्रभु बेखुदी में जीना, जहाँ तेरा प्यार हो, सिर्फ तेरा प्यार हो ।
आए मन में न कोई दूसरा विचार, हो प्यार हमको इतना तुझसे ।
किसी और का कोई न सवाल हो, इतना गहरा हो तेरे प्यार का ख्याल ।
जवाब नही माँगता हूँ तुझसे, प्यार के बदले प्यार देना सिर्फ तू मुझे ।
मुझे ना फिक्र है अस्तित्व की मेरे, मिट जाए तेरे प्यार में मेरा अस्तित्व।
जुदाई होती रहे हर पल संसार में, जुदा न हूँ कभी तेरे प्यार से ।
दुःख-सुख तो है तो आपकी देन पर कभी अपने प्यार से वंचित न करना ।
किसी से हमें कोई सरोकार नहीं, प्रभु तुझसे हमे है प्यार की दरकार ।
समझता हैं कोई कुछ, रोक सकता नहीं, पर प्रभु मेरे प्यार में कोई समझ घुसने न देना ।
इतनी गहरी पैठ हो दिल में हमारे, खोजने जो मैं उतरुँ डूँबू तुझमें सदा के वास्ते ।


- डॉ.संतोष सिंह