VIEW HYMN

Hymn No. 1109 | Date: 27-May-1999
Text Size
चलाऊँगा तीर तेरे ऊपर प्यार का, जो घायल करके छोड़ेगा दिल को तेरे ।
चलाऊँगा तीर तेरे ऊपर प्यार का, जो घायल करके छोड़ेगा दिल को तेरे ।

तडपाएँगे हम तुझे प्यार में इतना, करेगा कबूल तू मेरे प्यार को सरेआम ।

जो तेरे दिलों-दिमाग में ना होगा, जाएगें उस हद तक, प्यार को अंजाम देने अपने

जनम अब और न लेगें, जो भी करेंगे, कर-गुजर जाएगें प्यार के इसी दौर में ।

खत्म कर देगें सारे बहानों को, अब कोई और बहाना ना चलने देंगे प्यार में ।

कल ना करनी है मुलाकात मुझे, जो कल होना था आज, अभी होगा प्यार में ।

मस्ती का जुनून है मुझपर, तेरा प्यार सिर पर चढकर बोल रहा है मेरे ऊपर ।

तेरी किसी सजा का डर ना रहा, हम तो खुद को कुर्बान कर चुके प्यार पर तेरे।

आए न जाए कोई लेना-देना ना मुझे किसीसे, मैं तो जुड चुका हूँ बस तुझसे।

रुकाने से रूकनेवालों में से नहीं, हम तो खींच चुके है, जो प्यार में तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह