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Hymn No. 1115 | Date: 29-May-1999
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माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे, माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे ।
माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे, माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे ।
न जाने कितने जन्मों के बाद आज मुझे, माँ, माँ ने बुलाया है पास अपने ।
अरे भूला था मैं, तू कैसे भूल गई, माँ तुमने क्यों दी इतनी क्रूर सजा ।
बेबस थे हम अपने कीये के, जिसकारण से तुझसे जुदा हुए थे ।
फिर भी माँ तू तो थी माँ, क्यों हो गई इतनी बेदर्द हमारे प्रति ।
इल्जाम लगाता हूँ ना तुझपर, ये सवाल है माँ मेरे प्यार के ।
आने दे रही है जो तू मुझे पास अपने, इससे बडी बात क्या होगी मेरे लिए ।
माँ मौका देना तू आज मुझे तुझसे, रूठने का, प्यार जो करना न आया तुझसे।
रूठके जो अपना हक जमा सकूँ तुझपर, माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे ।
माँ तुमने तो प्यार किया था सदा, फिर कैसे हो गए हम तुझसे जुदा ।
छुपा लेना माँ अपने आँचल में इस बार, कसम है तुझे, जाने ना देना पास से अपने ।
माँ, माँ इस बार बसा लेना तू पास अपने, माँ, माँ ने बुलाया है आज मुझे ।


- डॉ.संतोष सिंह