VIEW HYMN

Hymn No. 1116 | Date: 30-May-1999
Text Size
तू मेरी क्या नही लगती, ये बताने की जरूरत न है मुझे ।
तू मेरी क्या नही लगती, ये बताने की जरूरत न है मुझे ।
तू मेरे लिए क्या नही करती, ये कहने की जरूरत न है मुझे ।
तुझे कितना प्यार करते है हम, ये दर्शाने की जरूरत न है मुझे ।
तू कितना ख्याल करती है हमारा, तुझे बताने की जरूरत न है मुझे ।
तेरा अंदाज है सबसे निराला, उससे ज्यादा लगता नही कुछ दिल को प्यारा ।
तेरी मुस्कान है सबसे भोली-भाली, हर लेती है सारे मनोविकारों को ।
इक बार को पाया शरण दर पर तेरे, न जाना किसी और के द्वार पर ।
वर्णन करना मेरे वश की बात न है, तेरी चर्चा से भर जाएगा अनंत ब्रह्मांड।
पुत्र के लिए सबसे प्यारी है उसकी माँ, कभी भी मिलता है शरण पास उसके ।
दुनिया आधी-अधुरी है बिन तेरे, तेरे आगे चली ना कभी किसी की ।


- डॉ.संतोष सिंह