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Hymn No. 1123 | Date: 02-Jun-1999
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उम्र हो गई इंतजार करते-करते, कितना लेगा तू इम्तिहान हमारा ।
उम्र हो गई इंतजार करते-करते, कितना लेगा तू इम्तिहान हमारा ।
दिल को प्यार हो गया है तुझसे, कोई किताब पढ़कर ना किया था ।
डरता नहीं मैं इंतजारी से, तड़पता है दिल झलक पाने के लिए ।
ना हम ये कहते तू कर हमें प्यार, तेरी इक नजर काफी है जनम भर के लिए।
तड़पना तू जारी रखना, आने लगा है मजा, अब तड़पने में हमें ।
कसम से प्यार कर या बेहाल, होगा हाल जो भी हमारा, हो बस हाथों तेरे ।
हाँ तुझे लेकर देखे है एक से एक हँसी ख्वाब, हाथों में है तेरे पूरा करना उसे ।
जुदाई का नाम सुना था, जाना है अब इसे, जबसे प्यार हुआ है तुझसे ।
बेनिंद हो गई है जिंदगी मेरी, निंद में भी बडबडाहट है, प्रियतम तेरे नाम की।
किसी काम का ना रह गया हूँ, प्यार में मेरा किस्सा तमाम हो गया है ।


- डॉ.संतोष सिंह