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Hymn No. 110 | Date: 10-Sep-1997
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इस दिल को हर क्षण तू याद आता है ।
इस दिल को हर क्षण तू याद आता है ।
हर दिन तेरी महफिल में गुजारने को जी चाहता है ।
यूँ ही हर पल तुझे देखने को जी करता है ।
तेरे चरणों में बैठने को हर वक्त दिल चाहता है ।
तेरे पास आके मौन हो जाने को मन करता है ।
कभी – कभी तुझसे जी भरके बोलने को दिल करता है ।
तेरे हर इक् रूप से दिल लगाने को जी करता है ।
खुद को भूल के तुझमें खो जाने को जी करता है ।


- डॉ.संतोष सिंह