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Hymn No. 1132 | Date: 05-Jun-1999
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सच पूछो माँ से प्यार कोई नहीं जग में ।
सच पूछो माँ से प्यार कोई नहीं जग में ।
हो लाखो रिश्ते, इससे बड़ा कोई रिश्ता नही संसार में ।
संसार में आने के वास्ते, जरूरत पड़ती है सभी को माँ की ।
तर नही सकता कोई जहाँ में, जगजननी माँ के बिना ।
प्रभु भी मचलते है, अपने प्रिय माँ के लिए ।
कभी किसी को ना-ना कहा, रहती है ऐसी माँ।
पुत्र कैसे जाएगा छोड़, जो शरण न मिली माँ के आंचल में ।
सुनी है जिंदगी, माँ तेरे प्यार के बिना ।
ले ले तू शरण में अपने, ऐसी कौनसी हो गई खता हमसे ।
तेरे बिना रह न पाऊंगा, अब इक पल बुला ले तू पास अपने ।


- डॉ.संतोष सिंह