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Hymn No. 1139 | Date: 08-Jun-1999
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छाया है हमपर तेरे प्यार का सुरूर, मिट गया हमारा सारा संकोच ।
छाया है हमपर तेरे प्यार का सुरूर, मिट गया हमारा सारा संकोच ।
तेरे प्यार के गीत सुनकर, जनमा है हमारे भीतर इक नया संतोष ।
टूट गई इक-इक करके सारी बेडियाँ, तेरा प्यार पाकर हम जो सँवर गए।
कर्मो का भँवर था फसकर ही जीना था तेरे प्यार के बंधन में, बंधकर हम जो निकल गए ।
अरमानों का अंजाम होता है खराब, पीछा छूटा तेरे प्यार के सहारे ।
कई-कई बार न जाने क्यों तड़पता था दिल, जब से प्यार मिला तेरा, हो गए है शांत हम ।
दर्द में जो हो जाता था मन विफल, तरसता हूँ दर्द को, जो याद दिलाए तेरे प्यार को ।
जो किताबो में पढा था, वह सब साकार होने लगा तेरे प्यार में ।
रहबर समेट ले हमारे मन तेरे प्यार में, उबर जाएँगे दुनिया के जेल से ।
साथ छुटते देखा सभी का, जो तेरा हाथ आ गया, छुटेगा ना साथ कभी ।


- डॉ.संतोष सिंह