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Hymn No. 1140 | Date: 08-Jun-1999
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प्यार करुँगा तुझे इतना-इतना ज्यादा, होश ना रहेगा तुझे अपना होने का ।
प्यार करुँगा तुझे इतना-इतना ज्यादा, होश ना रहेगा तुझे अपना होने का ।
शर्मा जाएगी शर्म, देखकर मेरी दीवानगी, चारों ओर चर्चा होगी बस मेरे प्यार की
झूम उठेगा तेरे संसार का हर कण, बेताब बना दूँगा प्यार से अपने सारे जहाँ को ।
अस्तित्व मिट जाएगा सभी का, प्यार के सिवाय कोई और ना होगा इस जहाँ में।
कहा हुआ कर दिखाऊँगा अपना अस्तित्व मिटाकर तेरा प्यार बन जाऊँगा ।
परवाना हूँ जलाऊँगा अपनेआप को तेरे प्यार में, महक बनकर फिरता रहूँगा मैं फिजाओं में ।
आलम होगा इस सारे जहाँ में, हर दिल मचल उठेगा प्यार करने के वास्ते ।
मुश्किल होती रहेगी, फर्क ना पड़ेगा हमें, हम तो मस्त रहेंगे अपने यार के प्यार में ।
भेद करना आसान ना होगा, हमारी हर पहचान मिटकर बदल चुकी होगी अपने यार के प्यार में ।
मनाएँगे हम हर रोज जश्न आज से, अपने यार का प्यार बनने के वास्ते ।


- डॉ.संतोष सिंह