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Hymn No. 1144 | Date: 10-Jun-1999
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जलाई है ज्योत तुमने अपने प्यार की हमारे दिलों में ।
जलाई है ज्योत तुमने अपने प्यार की हमारे दिलों में ।
आएगा तूफाँ माया का, बुझने ना देना तू कभी ।
शुरुआत की है अभी यात्रा की, तू हमें रूकने ना देना ।
मार्ग में आएगी बाधाएँ हजारों, लोभ-काम-क्रोध की ।
कुछ भी होता रहे तन को, अक्षुण्ण रखना हमारे प्यार को ।
मन को भरमाने वास्ते मिलेगी कामनाओं की नार अनेक ।
बह चले हम जो प्रेम की धारा में, अविरल बहते रहने देना ।
मिलेगी अनेक संलिप्त इच्छाओं की ज्वार, प्रेम के रंग में तू रँगते रहना ।
जुदा हो जाए रहकर सब के संग, तेरे प्यार में खुदा ।
कर ले इतनी गहरी पैठ, मिट जाए मेरी हर पहचान तेरे प्यार में ।


- डॉ.संतोष सिंह