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Hymn No. 1156 | Date: 15-Jun-1999
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बोया है बीज तुमने प्यार का दिलों में हमारे, सींच दे तू अपनी कृपा से ।
बोया है बीज तुमने प्यार का दिलों में हमारे, सींच दे तू अपनी कृपा से ।
फूटेगा अंकुर श्रद्धा का, दृढ हो जाएगा जहन में हमारे परम विश्वास ।
पत्ते होंगे भक्ति के, फुलों पर छाप होगें तेरी तसवीर के ।
बयार जब बहेगी, गाएगी, गीत तेरे प्यार की अनोखी दास्ताँ के ।
महक बिढाराएगी जग में चारों ओर, जग में तेरे नाम की ।
गूँज होगी हर तरफ तेरी, तेरे स्वरूप में चुपचाप ढलते जाएँगे ।
हर पहचान मिट जाएगी, तेरे प्यार के जोर से ।
मस्ती में रहेंगे हर पल, खिलती रहेगी आनंद की कलियाँ ।
जो आएगा इसकी छाह में पल भर के लिए, दर्शन करेगा तेरा ।
मिलेगा फल उसे सुकून का, पड़ जाएगा बीज प्यार का उसके दिल के भीतर ।


- डॉ.संतोष सिंह