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Hymn No. 1159 | Date: 16-Jun-1999
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दिल में जो बस गया तू, कसम से प्यार से ना छोड़ेंगे हम ।
दिल में जो बस गया तू, कसम से प्यार से ना छोड़ेंगे हम ।
दम है जब तक तन-मन में हमारे, रोक सकेगा ना कोई प्यार करने से ।
जो मन डरता था, वह आज कूदने को है, राजी प्यार की जंग में ।
रंग गया हूँ जो प्यार के रंग में तेरे, ना चढ़ेगा कोई और रंग मुझपर ।
गम तो तब होता है, जब मुलाकात ना होती है तुझसे ।
किया क्या ना किया, फर्क ना है मन में मेरे, जो हो चुके हम तेरे ।
हूबहूँ बन जाना चाहता हूँ तेरा, कायापलट कर दे प्यार से तू मेरा ।
सपनों से कोई मेल ना है मेरा, य़थार्थ में बनना चाहूँ जो तेरा ।
रश्क ना है मुझे किसीकी बातों से ओर किसीसे, जो इश्क हुआ है तुझसे ।
यार मत ढा सितम प्यार में मुझपर इतना, बना ले अपना तू मुझको प्यार से ।


- डॉ.संतोष सिंह