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Hymn No. 1161 | Date: 17-Jun-1999
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छिन्न-भिन्न हो जाऊँ मैं, मिटे ना याद तेरी मेरे मन से ।
छिन्न-भिन्न हो जाऊँ मैं, मिटे ना याद तेरी मेरे मन से ।
तन साथ छोड़ता है तो छोड़ने दे, मिटे ना छाप तेरी मेरे दिल से ।
रहती है अधूरी नींद तो रहने दे, ख्वाबों में आना मेरे तू सदा ।
जुदा होता हूँ सबसे, तू होने देना, मेरा साथ ना कभी तू छोड़ना ।
बद से बदतर हालात में कोई गम नहीं, दम निकल जाएगा जो तू ना होगा मन में ।
मिले या ना मिले कोई बात नहीं, दिल में न आए कभी फेर-फार तेरे लिए ।
रोना ना है किसी बात को लेकर, पर चाहता है तेरे पास रहने को ।
गाज गिरे सर पर कोई बात नहीं, पर प्यार तुसे मैं सदा करुँ ।
एहसास निकल जाए दुनिया का, फिदा हो जाऊँ मैं तुझपर इतना ।


- डॉ.संतोष सिंह